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Avani Lekhara

  अवनि लेखारा का जन्म 8 नवंबर 2001 को हुआ था। वह एक भारतीय पैरालिंपियन और राइफल शूटर हैं। उन्होंने टोक्यो 2020 पैरालिंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता। अवनी पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला हैं, और उन्होंने टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में यह उपलब्धि हासिल की, साथ ही एक नया पैरालंपिक रिकॉर्ड स्थापित किया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इस 19 साल की लड़की ने इतिहास रच दिया। वह चौथी भारतीय बन गई है, जिन्होंने पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले तैराक मुरलिकांत पेटकर ने 1972, भाला फेंक में देवेंद्र झाझडिया ने 2004 और 2016 और ऊंची कूद में थंगावेलु मरियप्पन ने 2016 में स्वर्ण पदक जीता। साल 2012 में महज 12 साल की उम्र में अवनी लखेरा की जिंदगी बदल गई। अपने कदमों से बुलंदिया हासिल करने का सपना देखने वाली अवनी साल 2012 में हुए एक्सीडेंट के चलते सीधे व्हीलचेयर पर आ गई। एक्सीडेंट (Accident) के महज तीन साल बाद ही अवनी ने शूटिंग (Shooting) को अपनी जिंदगी बनाया अवनी के माता - पिता कौन हैं? अवनी के पिता का नाम प्रवीण लखेरा औ...

तालिबान क्या हैं ?

  'तालिबान' शब्द का पश्तून में मतलब होता है ‘छात्र’ और इससे संगठन के सदस्यों की ओर इशारा किया जा रहा था जिन्हें मुल्ला मोहम्मद उमर का ‘छात्र’ माना गया। साल 1994 में उमर ने कंधार में तालिबान को बनाया था। तब उसके पास 50 समर्थक थे जो सोवियत काल के बाद गृहयुद्ध के दौरान अस्थिरता, अपराध और भ्रष्टाचार में बर्बाद होते अफगानिस्तान को संवारना चाहते थे। विदेश मामलों के जानकार कमर आगा बताते हैं कि तालिबान बहुत बड़ा गुट है जिसकी काउंसिल क्वेटा शूरा का हेडक्वॉर्टर पाकिस्तान के क्वेटा में है जो बलूचिस्तान की राजधानी है। संगठन के सारे लीडर वहीं रहते हैं और वहीं मिलते हैं ।  तालिबान का उदय कैसे हुआ ?  सन् 1980 की दहाई में जब सोवियत संघ ने अफगानिस्तान में सेना उतारी थी , तब अमेरिका ने वहा‌‌ के मुजाहिदीनों लोगों के हाथों में हथियार  और ट्रेनिंग देकर युद्ध के लिए उकसाया था । परिणामस्वरूप , सोवियत संघ तो अफगानिस्तान से हार मानकर चला गया । लेकिन अफगानिस्तान में एक कट्टरपंथी आतंकवादी संगठन का उदय हुआ, जिसे तालिबान के नाम से जाना गया । ऐसा माना जाता है कि तालिबान ने पाकिस्तान के मदरसों में...

12th के बाद क्या करे ?

स्टूडेंट्स, जब 12th पास करते है तब उनके मन में बहुत सारे प्रश्न होते है, करियर सम्बंधित, कि कौन-सा ऐसा  कोर्स  करे, जिससे बेहतर करियर तैयार हो. अगर देखा जाए तो यह समस्या बहुत मुश्किल हैं, जितना हम सोचते नहीं है. क्योकि  कोर्स सिलेक्शन  एक  महत्त्वपूर्ण पहलू है जिसके आधार पर आगे के सफर को तय करना होता है। इसलिए, यह निर्णय विचार करके लेना अनिवार्य है कि   12th के बाद क्या करना है . इस बदलती दुनिया में सबकुछ पहले जैसा नहीं है, हाँ, कुछ चीजें स्थिर है, पर कुछ चीजें तेजी से बदल रही है. और हमें इस बदलती दुनियां के साथ ही चलना है. इसलिए, जरुरी है कि कोर्स सेलक्शन, इस बदलती दुनिया के अनुसार ही हो. ताकि हम  सफलता की नई नीव तैयार  कर सके। कहा जाता है कि सफलता केवल  कड़ी मेहनत  से ही नहीं मिलती है, बल्कि उचित टाइम पर सही निर्णय लेने से भी मिलती है. ठीक वैसे ही आपके पास भी उचित टाइम है. एक उचित निर्णय लेने का, जो आपके भविष्य को ऊंचाई तक पहुंचा दे । अपने योग्यता के अनुसार कोर्स सिलेक्शन करना हर स्टूडेंट्स के लिए बेहद जरुरी है. क्योकि आप उसी कोर्स के स...